प्री-सीड राउंड कैसे जुटाएँ: पूरी गाइड

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पहली बार फंडिंग जुटाने वाले संस्थापकों की सबसे बड़ी उलझन क्रम की होती है: पहले क्या तैयार करें, कितना माँगें और निवेशक तक कैसे पहुँचें। यह गाइड इन्हीं सवालों को चरण-दर-चरण सुलझाती है। हम पहले प्रमाण और राशि की बात करेंगे, फिर निवेशकों, पिच डेक और SAFE की, और अंत में दस्तावेज़ों की जाँच की।

मुख्य बिंदु
  • प्री-सीड का मकसद अगले (सीड) निवेश के लिए ज़रूरी प्रमाण बनाना है।
  • राशि उल्टे क्रम में तय करें: पहले अगले राउंड की उपलब्धि, फिर उसकी लागत और समय, फिर देरी की गुंजाइश।
  • निवेशकों की सूची, छोटा बिज़नेस सारांश और बिना प्रस्तुति के समझ आने वाला पिच डेक तैयार रखें, और मीटिंग समानांतर रूप से चलाएँ।
  • SAFE स्वयं शेयर नहीं है; यह भविष्य में शेयर में बदलने का अधिकार देता है। यहाँ दी गई गणना YC के अमेरिकी उदाहरण की है।
  • समझौते से पहले कंपनी और शेयर-स्वामित्व के रिकॉर्ड व्यवस्थित करें और स्थानीय वकील से समीक्षा करवाएँ।

प्री-सीड फंडिंग क्या है और यह सीड से कैसे अलग है

प्री-सीड वह चरण है जिसमें आइडिया या प्रोटोटाइप के स्तर पर पूँजी जुटाई जाती है। इस पूँजी का असली काम अगले निवेश, यानी सीड राउंड, के लिए ज़रूरी प्रमाण तैयार करना है। [S1]

सरल भाषा में फर्क यह है: प्री-सीड में आप साबित करने की कोशिश करते हैं कि समस्या असली है और लोग आपके समाधान में रुचि रखते हैं। सीड राउंड आम तौर पर तब आता है जब इस शुरुआती प्रमाण को आगे बढ़ाकर दिखाया जा सके। इसलिए प्री-सीड में निवेशक अक्सर पूरे तैयार बिज़नेस से ज़्यादा टीम, दिशा और शुरुआती संकेतों को देखते हैं।

  • प्री-सीड: आइडिया या प्रोटोटाइप का चरण, लक्ष्य शुरुआती प्रमाण बनाना।
  • सीड: अगला चरण, जहाँ पिछले प्रमाण के आधार पर आगे की वृद्धि के लिए पूँजी माँगी जाती है।

अब आप क्या करें: एक वाक्य में लिखें कि अगले राउंड के लिए आपको कौन-सा प्रमाण बनाना है।

निवेशकों से मिलने से पहले कौन-से प्रमाण तैयार करें

प्री-सीड निवेशक आम तौर पर शुरुआती माँग के संकेत देखना चाहते हैं। गाइड के अनुसार इसके उदाहरण हैं: प्रोटोटाइप, वेटलिस्ट और छोटा पायलट। [S1] इनके साथ ग्राहकों से हुई बातचीत और प्रोडक्ट की प्रगति का रिकॉर्ड भी रखें, ताकि आप अपनी बात तथ्यों से कह सकें।

नोटबुक में दो चरणों की वृद्धि-रेखा बनाता युवा संस्थापक

तैयारी की जाँच-सूची

  • क्या आपके पास कोई चलता हुआ प्रोटोटाइप या डेमो है?
  • क्या वेटलिस्ट या रुचि दिखाने वाले लोगों की सूची है?
  • क्या कोई छोटा पायलट चला है, और उसके नतीजे लिखे हुए हैं?
  • क्या ग्राहकों से हुई बातचीत के नोट्स और सीख एक जगह दर्ज हैं?
  • क्या आप बता सकते हैं कि पिछले कुछ महीनों में प्रोडक्ट में क्या प्रगति हुई?

अब आप क्या करें: ऊपर की सूची में जहाँ “नहीं” है, पहले वही प्रमाण बनाएँ।

कितनी राशि जुटानी चाहिए: रनवे से उल्टा हिसाब

राशि का अनुमान उल्टे क्रम में लगाना बेहतर रहता है। पहले तय करें कि अगले राउंड में निवेशकों को कौन-सी उपलब्धि दिखानी है। फिर उसे हासिल करने की लागत और समय निकालें, और योजना में देरी की स्थिति के लिए अतिरिक्त गुंजाइश जोड़ें। [S1]

ग्राहकों के साथ प्रोटोटाइप का परीक्षण करती छोटी टीम

गाइड रनवे की आम योजना-अवधि के रूप में 12 से 18 महीने का ज़िक्र करती है। इसे केवल एक संदर्भ-मान समझें। यह उद्योग, टीम और खर्च के अनुसार बदलता है, और यह भारतीय बाज़ार का औसत या कोई गारंटी नहीं है। [S1]

केवल समझाने के लिए उदाहरण (सभी संख्याएँ काल्पनिक हैं):

खर्च की मद मासिक खर्च (काल्पनिक) महीने कुल (काल्पनिक)
टीम का वेतन/भत्ता 6 लाख रुपये 15 90 लाख रुपये
प्रोडक्ट व टेक्नोलॉजी 1 लाख रुपये 15 15 लाख रुपये
ग्राहक परीक्षण व मार्केटिंग 1 लाख रुपये 15 15 लाख रुपये
कानूनी व अन्य खर्च 50 हज़ार रुपये 15 7.5 लाख रुपये
कुल   127.5 लाख रुपये
देरी के लिए अतिरिक्त गुंजाइश (उदाहरण में 20%)   25.5 लाख रुपये
उदाहरण में जुटाने की राशि   153 लाख रुपये

इस उदाहरण का तरीका अपनाएँ, संख्याएँ नहीं: अपनी असली लागत, अपना लक्ष्य और अपनी गुंजाइश डालकर हिसाब लगाएँ।

अब आप क्या करें: अगले राउंड की एक ठोस उपलब्धि लिखें और उसकी महीने-दर-महीने लागत निकालें।

कैलकुलेटर और स्प्रेडशीट के साथ मासिक बजट बनाता संस्थापक

प्री-सीड में पैसा कौन लगाता है: निवेशकों के प्रकार

प्री-सीड में निवेश करने वालों के सामान्य प्रकार हैं: एंजेल निवेशक, एंजेल नेटवर्क और छोटे वीसी फंड। नीचे की तालिका केवल सामान्य, गुणात्मक अंतर बताती है; असल शर्तें हर निवेशक और सौदे के अनुसार बदलती हैं।

पहलू एंजेल निवेशक एंजेल नेटवर्क छोटे वीसी फंड
स्वरूप आम तौर पर व्यक्तिगत निवेशक कई निवेशकों का समूह संस्थागत फंड
निर्णय की प्रक्रिया अक्सर तुलनात्मक रूप से व्यक्तिगत और तेज़ हो सकती है समूह की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ सकता है आम तौर पर अधिक औपचारिक प्रक्रिया
कब उपयुक्त जब आपको शुरुआती भरोसा और मार्गदर्शन चाहिए जब आप कई निवेशकों तक एक साथ पहुँचना चाहें जब आपका क्षेत्र और चरण फंड की रुचि से मेल खाता हो
ध्यान देने योग्य बात शर्तें व्यक्ति पर निर्भर करती हैं शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं शर्तें फंड की नीति और सौदे पर निर्भर करती हैं

अब आप क्या करें: तय करें कि आपके चरण और ज़रूरत के हिसाब से कौन-सा प्रकार सबसे उपयुक्त बैठता है।

निवेशकों की सूची कैसे बनाएँ और संपर्क कैसे करें

गाइड निवेशकों की सूची पहले से तैयार रखने और मीटिंग समानांतर रूप से चलाने की सलाह देती है। [S1] सूची बनाते समय इन मानदंडों पर विचार करें:

संस्थापक की बात सुनते निवेशकों का समूह
  • क्षेत्र: क्या निवेशक आपके क्षेत्र में रुचि रखता है?
  • चरण: क्या वह प्री-सीड चरण में निवेश करता है?
  • पिछले निवेश: क्या उसके पिछले निवेश आपके जैसे स्टार्टअप से मेल खाते हैं?

सूची का कोई “सही” आकार तय नहीं है; गुणवत्ता और मेल पर ध्यान दें।

संपर्क का सुझाया क्रम (लेखक की व्यावहारिक रूपरेखा):

  1. सूची को मेल के आधार पर प्राथमिकता में रखें।
  2. जहाँ संभव हो, किसी परिचित के माध्यम से परिचय पाने का प्रयास करें।
  3. पहला संदेश छोटा रखें: आप क्या बना रहे हैं, अब तक का प्रमाण क्या है, और आप कितनी राशि जुटा रहे हैं।
  4. एक साथ कई निवेशकों से मीटिंग तय करें, ताकि प्रक्रिया लंबी न खिंचे।
  5. हर मीटिंग के बाद सवाल और फीडबैक दर्ज करें।
निवेशकों की सूची बनाकर संपर्क की योजना बनाता संस्थापक

अब आप क्या करें: एक स्प्रेडशीट बनाकर क्षेत्र, चरण और पिछले निवेश के कॉलम के साथ निवेशकों की सूची शुरू करें।

पिच डेक और एक-पृष्ठ का बिज़नेस सारांश

गाइड के अनुसार छोटा बिज़नेस सारांश और ऐसा पिच डेक तैयार करें जो आपकी प्रस्तुति के बिना भी समझ आ जाए। [S1] यानी जो निवेशक आपको बोलते हुए नहीं सुन रहा, वह भी स्लाइड पढ़कर पूरी बात समझ सके।

स्लाइडों का सुझाया क्रम:

  1. समस्या: आप किसकी कौन-सी समस्या हल कर रहे हैं।
  2. समाधान: आपका प्रोडक्ट और वह कैसे काम करता है।
  3. शुरुआती प्रमाण: प्रोटोटाइप, वेटलिस्ट या पायलट के नतीजे।
  4. ग्राहक: आपके लक्षित ग्राहक कौन हैं।
  5. टीम: यह काम आप ही क्यों कर सकते हैं।
  6. योजना: अगले राउंड तक की उपलब्धि।
  7. माँग: कितनी राशि चाहिए और वह किस काम में लगेगी।

डेक की स्व-जाँच सूची

निवेशक को पिच डेक दिखाता संस्थापक

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  • क्या कोई अजनबी इसे पढ़कर बिना आपके बताए समझ पाएगा?
  • क्या हर दावे के साथ कोई प्रमाण या उदाहरण है?
  • क्या राशि और उसके उपयोग की बात साफ़ लिखी है?

अब आप क्या करें: डेक किसी ऐसे व्यक्ति को पढ़ने दें जो आपके प्रोडक्ट को नहीं जानता, और उसके सवाल नोट करें।

SAFE क्या है और इक्विटी डाइल्यूशन कैसे निकालें

Y Combinator के अनुसार SAFE ऐसा समझौता है जिसमें निवेशक पैसा पहले देता है और बदले में भविष्य में शेयर में बदलने का अधिकार पाता है। SAFE स्वयं शेयर नहीं है। [S2]

YC के अमेरिकी post-money SAFE के उदाहरण में बेचे गए हिस्से का अनुपात इस सूत्र से निकलता है:

हिस्सेदारी की गणना और छपे समझौते के साथ मेज़

बेचा गया हिस्सा = निवेश राशि ÷ वैल्यूएशन कैप

उदाहरण: 10 लाख डॉलर के निवेश और 67 लाख डॉलर की वैल्यूएशन कैप पर 1,000,000 ÷ 6,700,000 लगभग 14.9% आता है, यानी करीब 15%। [S2]

ज़रूरी सावधानी
  • यह केवल YC के अमेरिकी उदाहरण की गणना है, कोई सार्वभौमिक प्री-सीड शर्त नहीं।
  • यह नहीं कहा जा सकता कि SAFE भारत में हर संस्थापक के लिए उपयुक्त या मानक है।
  • अपनी कंपनी की स्थिति के अनुसार कानूनी सलाह ज़रूर लें।

अब आप क्या करें: ऊपर के सूत्र में अपनी काल्पनिक राशि और कैप रखकर देखें कि आपका हिस्सा कितना बिकेगा, फिर वकील से असली शर्तों पर चर्चा करें।

SAFE, कन्वर्टिबल नोट और इक्विटी राउंड की तुलना

तीनों साधनों की सामान्य संरचनात्मक तुलना नीचे है। यह सामान्य सिद्धांत है, किसी एक स्रोत का दावा नहीं; हर पंक्ति में शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं।

मेज़ पर रखे तीन अलग-अलग मोटाई के दस्तावेज़
पहलू SAFE कन्वर्टिबल नोट इक्विटी राउंड
संरचना पैसा पहले, भविष्य में शेयर में बदलने का अधिकार; स्वयं शेयर नहीं [S2] आम तौर पर ऐसा ऋण-जैसा साधन जो आगे शेयर में बदल सकता है; शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं निवेश के बदले सीधे शेयर जारी होते हैं; शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं
वैल्यूएशन पर चर्चा का समय आम तौर पर कैप जैसी शर्तों के ज़रिए आगे टाली जा सकती है; शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं अक्सर आगे के राउंड तक टल सकती है; शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं आम तौर पर निवेश के समय ही तय करनी होती है
दस्तावेज़ों की जटिलता आम तौर पर अपेक्षाकृत सरल माना जाता है; शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं मध्यम; शर्तें सौदे के अनुसार बदलती हैं आम तौर पर अधिक दस्तावेज़ और औपचारिकता
संस्थापक के लिए ध्यान देने योग्य बात भविष्य के डाइल्यूशन की गणना समझें शर्तों, ब्याज और अवधि पर विशेष ध्यान दें शेयर-स्वामित्व और नियंत्रण पर असर समझें

अब आप क्या करें: अपने निवेशक से पूछें कि वे किस साधन में सहज हैं, और चुनने से पहले स्थानीय वकील से सलाह लें।

समझौते से पहले कंपनी, शेयरहोल्डिंग और बौद्धिक संपदा के दस्तावेज़ों की जाँच

निवेश से पहले निवेशक आम तौर पर आपकी कंपनी के रिकॉर्ड की जाँच करते हैं। अमेरिकी लॉ फर्म की एक व्यावहारिक सामग्री में कंपनी और शेयर-स्वामित्व के रिकॉर्ड, फंड के उपयोग की योजना, ड्यू डिलिजेंस की सामग्री और कानूनी समीक्षा की ज़रूरत का ज़िक्र है। [S5]

ड्यू डिलिजेंस के लिए तैयार फ़ोल्डर की सूची

कंपनी के रिकॉर्ड की फ़ाइलें व्यवस्थित करता संस्थापक और वकील
  • कंपनी के गठन के दस्तावेज़
  • शेयर-स्वामित्व का पूरा रिकॉर्ड (किसके पास कितने शेयर)
  • बौद्धिक संपदा पर अधिकार से जुड़े दस्तावेज़ (कोड, डिज़ाइन, ब्रांड आदि कौन-से और किसके नाम)
  • फंड के उपयोग की योजना
  • पिच डेक और बिज़नेस सारांश

ध्यान रखें कि स्रोत [S5] अमेरिकी सामग्री है। अमेरिकी कानून और कंपनी-ढाँचे की सलाह भारत पर सीधे लागू नहीं होती, इसलिए अपने दस्तावेज़ों की समीक्षा स्थानीय वकील से करवाएँ।

सहायता के संसाधनों का एक उदाहरण दक्षिण कोरिया का K-Startup है: इसकी निवेश-शिक्षा [S3] और वन-स्टॉप सहायता केंद्र [S4] निवेश प्रक्रिया और अनुबंध जैसे विषय कवर करते हैं। ये कोरिया के संसाधन हैं, भारतीय संस्थापकों के लिए सीधे उपलब्ध सहायता नहीं।

अब आप क्या करें: ऊपर की सूची के अनुसार एक साझा फ़ोल्डर बनाएँ और जो दस्तावेज़ अधूरे हैं, उन्हें पहले पूरा करें।

टिक लगी चेकलिस्ट वाला क्लिपबोर्ड

आम गलतियाँ और अंतिम चेकलिस्ट

प्री-सीड जुटाते समय ये गलतियाँ अक्सर देखने को मिलती हैं:

  • बिना प्रमाण के राशि माँगना: राशि का तर्क प्रमाण से निकलता है।
  • रनवे का गलत अनुमान: देरी के लिए गुंजाइश न रखना।
  • निवेशकों की अंधाधुंध सूची: क्षेत्र और चरण का मेल देखे बिना संपर्क करना।
  • दस्तावेज़ अधूरे रखना: कंपनी और शेयर-स्वामित्व के रिकॉर्ड अंतिम समय तक न सुधारना।

7-चरणीय अंतिम चेकलिस्ट

  1. अगले राउंड की उपलब्धि तय करें।
  2. शुरुआती माँग के प्रमाण इकट्ठा करें।
  3. उल्टे हिसाब से राशि और गुंजाइश निकालें।
  4. मेल के आधार पर निवेशकों की सूची बनाएँ।
  5. बिना प्रस्तुति के समझ आने वाला पिच डेक और छोटा सारांश तैयार करें।
  6. साधन (जैसे SAFE) और उसकी डाइल्यूशन गणना समझें।
  7. दस्तावेज़ों का फ़ोल्डर तैयार करें और स्थानीय वकील से समीक्षा करवाएँ।

अगला कदम: अपने दस्तावेज़ों की समीक्षा के लिए स्थानीय वकील खोजें और अपने क्षेत्र के स्टार्टअप-सहायता कार्यक्रम देखें। शुरुआत के लिए नीचे दी गई स्रोत-सामग्री पढ़ें।

प्री-सीड गाइड पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्री-सीड और सीड में क्या अंतर है?

प्री-सीड आइडिया या प्रोटोटाइप के चरण में अगले निवेश के लिए प्रमाण बनाने की पूँजी है। सीड उसके बाद का चरण है, जिसमें उस प्रमाण के आधार पर आगे बढ़ने के लिए पूँजी माँगी जाती है। [S1]

सवालों पर चर्चा करते संस्थापक और मार्गदर्शक

कितनी राशि जुटानी चाहिए?

कोई तय राशि नहीं है। अगले राउंड की उपलब्धि, उसकी लागत, समय और देरी की गुंजाइश से हिसाब लगाएँ। 12 से 18 महीने का रनवे केवल एक संदर्भ-मान है। [S1]

क्या बिना राजस्व के प्री-सीड मिल सकता है?

गाइड में माँग के प्रमाण के उदाहरण प्रोटोटाइप, वेटलिस्ट और छोटा पायलट बताए गए हैं, यानी शुरुआती संकेतों पर ज़ोर है। मिलेगा या नहीं, यह निवेशक और आपकी स्थिति पर निर्भर करता है; कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। [S1]

SAFE क्या है और क्या यह हर स्टार्टअप के लिए सही है?

SAFE में निवेश पहले आता है और बाद में शेयर में बदलने का अधिकार मिलता है; यह स्वयं शेयर नहीं है। यह हर संस्थापक के लिए उपयुक्त है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। अपनी कंपनी की स्थिति के अनुसार कानूनी सलाह लें। [S2]

निवेशक से मिलने से पहले कौन-से दस्तावेज़ तैयार रखें?

पिच डेक, छोटा बिज़नेस सारांश, कंपनी के गठन के दस्तावेज़, शेयर-स्वामित्व का रिकॉर्ड, बौद्धिक संपदा से जुड़े दस्तावेज़ और फंड के उपयोग की योजना। [S5]

संदर्भ

  1. [S1] Foundersbase, “How to Raise a Pre-Seed Round for Your Startup”, 2026: https://foundersbase.com/blog/how-to-raise-a-pre-seed-round
  2. [S2] Y Combinator, “The SAFE: The standard way startups raise money” (अमेरिकी post-money SAFE का उदाहरण): https://www.ycombinator.com/safe
  3. [S3] K-Startup (दक्षिण कोरिया) की निवेश-शिक्षा, “निवेश-जुटाव और एग्ज़िट रणनीति” (कोरिया का संसाधन): https://www.k-startup.go.kr/edu/home/lecture/LTYPE_016/CONT_0000001122/detail
  4. [S4] K-Startup (दक्षिण कोरिया) वन-स्टॉप सहायता केंद्र, निवेश-जुटाव सहायता (कोरिया का संसाधन): https://www.k-startup.go.kr/onestop/main/index.do?cat=OT0600
  5. [S5] Lowenstein Sandler LLP, “Preparing for a Pre-Seed Financing Round” (अमेरिकी व्यावहारिक सामग्री): https://www.lowenstein.com/media/7578/preparing-for-a-pre-seed-financing-round.pdf

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स्रोत: Atovia (Atovia). https://atovia.kr

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